छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, मंत्रालय द्वारा राज्य में नॉन-कोर सेक्टर उद्योगों की स्थापना को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के लिए ऑटोमोटिव उद्योगों ( ऑटो- मोबाईल-दो पहिया, तीन पहिया एवं व्यवसायिक वाहन, अर्थ मूवर्स, कृषि उपयोगी वाहन, आटो कंपोनेंट्स उद्योग आदि) की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु " ओटोमोटिव उद्योग नीति- घोषित की है। इस नीति के मुख्य प्रावधान (उद्देश्य) इस प्रकार है- 1. आगामी 10 वर्षों में आटोमोटिव उद्योग क्षेत्र में न्यूनतम 20000 करोड़ रू. की पूंजी निवेश कराना, जिससे लगभग 20 हजार रोजगार के अवसर सृजित हो सके। 2. यह नीति " आटोमोटिव उद्योग नीति-2012" कही जायेगी तथा 1 नवम्बर, 2012 से पाँच वर्ष अर्थात् 31 अक्टूबर, 2017 तक लागू रहेगी। - इस नीति की प्रमुख सुविधाओं का वर्णन- 1. मूल्य संवर्धित कर (निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी और केन्द्रीय विक्रय कर में रियायती प्रतिपूर्ति, पूंजी निवेश का अधिकतम तक सीमित, अधिकतम समयावधि 18 वर्ष की अवधि जो पूर्व अवसान हो, तक। 2. केन्द्रीय विक्रय कर में छूट, तत्समय प्रचलित दर का 50 प्रतिशत, 18 वर्षों की अवधि तक। 3. प्रवेश कर भुगतान में छूट-परियोजना हेतु प्रथम कच्चा माल क्रय करने के दिनांक से छूट, 8 वर्षों की अवधि हेतु 4. विद्युत शुल्क छूट - वणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ करने की तिथि से 10 वर्ष तक। 5. पंजीयन शुल्क में छूट - भूमि, भवन, शेड, प्रकोष्ठ पर छूट।