हम जानते हैं, कि ब्रह्मांड में सबकुछ ऊर्जा है, और ऊर्जा न तो समाप्त होती है और न ही बनती है , बल्कि एक रूप से दूसरे में परिवर्तित होती है। यही प्रक्रिया किसी चक्रीय क्रिया में होती है, जिसमें कोई भी पदार्थ या गैस परिवर्तित होती रहती है, और कभी समाप्त नहीं होती है अर्थात् हमेशा संरक्षित रहती है। इसी तरह पृथ्वी पर या वायुमण्डल में नाइट्रोजन , आक्सीजन , कार्बन डाइआक्साइड , फास्फोरस तथा सल्फर आदि गैसों का एक गैसीय चक्र होता है , जबकि हाइड्रोजन का स्रोत सूर्य (और जल) है, जो निरंतर पृथ्वी पर की आपूर्ति कर रहा है, जिसके कारण का गैसीय चक्र नहीं बन पाता है।