ओजोन परत समताप मण्डल के निचले संस्तर में किमी. में पाई जाती है। ओजोन परत की मोटाई नापने/ मापने के लिए डाबसन इकाई का प्रयोग किया जाता है। ओजोन परत सूर्य या ब्रह्मांड के अन्य पिण्डों से आने वाली हानिकारक परबैंगनी किरणों से हमारी और अन्य जीव व पादप जगत की रक्षा करती है। परन्तु औद्योगीकरण के कारण वातावरण में क्लोरोफ्लोरो कार्बन तथा अन्य गैसें आदि के उत्सर्जन से ओज़ोन परत का क्षय होता है, जिससे ओजोन छिद्र निर्मित होते हैं, जो मानव के लिए खतरा है।